Harish Rana का अंतिम संस्कार बेहद भावुक माहौल में संपन्न हुआ। भारत के पहले व्यक्ति, जिन्हें passive euthanasia की अनुमति मिली थी, को मुखाग्नि दी गई। इस दौरान उनके माता-पिता फूट-फूटकर रोते नजर आए, और बेटे को विदा देना उनके लिए अत्यंत कठिन पल था। करीब 13 साल से vegetative state में रहने के बाद Harish का निधन हुआ, और परिवार ने भावनाओं से भरी अंतिम विदाई दी। इस घटना ने केवल उनके परिवार को नहीं, बल्कि देश में इच्छामृत्यु और मानवीय गरिमा पर बहस को भी जोरदार बना दिया।